Saturday, June 29, 2013

मन कागज नाव बनाता है!

जब जब बारिश होती है, 
मन कागज नाव बनाता है!

फिर चींटे को धर लाता है, 
उसको पतवार बनाता है!

फिर चलती नाव को देख, 
तेरे साथ खिल-खिलाता है!